Jaadu Karke भजन मीराबाई की उस मनोदशा को दर्शाता है जहाँ वे श्री कृष्ण के प्रेम के जादू में पूरी तरह से खो चुकी हैं। वे पूछती हैं कि हे प्रिय (पिया), तुम ऐसा कौन सा जादू करके चले गए हो कि मेरा मन अब कहीं और नहीं लगता। यह ‘जादू’ वास्तव में श्री कृष्ण का मनमोहक रूप, उनकी लीलाएं और उनका निश्छल प्रेम है, जिसने मीरा को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर केवल उन्हीं का बना दिया है।
भजन के बोल, जैसे “नन्द नंदन पिया कपट जो कीन्हीं, निकल गयो छल करके,” दर्शाते हैं कि कैसे कृष्ण अपनी लीलाओं से भक्तों को मोहित करते हैं और फिर विरह की अग्नि में तपने के लिए छोड़ देते हैं, जिससे भक्त का प्रेम और भी प्रगाढ़ हो जाता है।
गायन और संगीत
श्री इंद्रेश जी ने इस भजन को अपनी भावपूर्ण आवाज़ में गाकर इसमें प्राण फूंक दिए हैं। उनकी गायकी में मीराबाई की पीड़ा और कृष्ण के प्रति उनका अनन्य प्रेम स्पष्ट रूप से महसूस होता है। संगीत संयोजन, जो भागीरथ भट्ट और मीर देसाई द्वारा किया गया है, पारंपरिक और आधुनिक वाद्ययंत्रों का एक सुंदर मिश्रण है। बांसुरी की धुन और सितार का मधुर संगीत भजन के आध्यात्मिक माहौल को और भी गहरा बनाते हैं।
Hindi Lyrics
जादू करके (x2)
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके (x2)
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
नन्द नंदन पिया कपट जो कीन्हीं
निकल गयो छल करके
जादू करके…
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके (x2)
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे
कबहुँ न मिले अंग भर के
जादू करके…
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके (x2)
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
मीरा दासी शरण जो आई
चरण कमल चित धर के
जादू करके…
ओ पिया कित गयो जादू करके
जादू करके, हो जादू करके
ओ पिया कित गयो जादू करके
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा (x4)
(ओ पिया… कित गयो… जादू करके…)
Hinglish lyrics
Jaadu karke (x2)
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke (x2)
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Nand nandan piya kapat jo keenhi
Nikal gayo chhal karke
Jaadu karke…
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke (x2)
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Mor mukut peetambar sohe
Kabahun na mile ang bhar ke
Jaadu karke…
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke (x2)
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Meera daasi sharan jo aayi
Charan kamal chit dhar ke
Jaadu karke…
O piya kit gayo jaadu karke
Jaadu karke, ho jaadu karke
O piya kit gayo jaadu karke
Natwar Naagar Nanda, Bhajo Re Mann Govinda (x4)
(O Piya… kit gayo… jaadu karke…)
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FAQs
Jaadu Karke bhajan ko kisne gaya hai?
Is bhajan ko Shri Indresh Ji ne gaya hai aur compose bhi kiya hai.
Jaadu Karke bhajan ke Lyrics kiske hain?
Yeh Bhaktimati Meera Bai ke likhe hue pad hain.
Jaadu Karke bhajan me Music arrangements kiske dwara ki gayi hain?
Music arrangements Bhagirath Bhatt aur Mir Desai ne ki hain.
Jaadu Karke bhajan ka mukhya bhav kya hai?
Bhajan Meera Bai ke Shri Krishna ke prati ananya prem aur unke mohak prabhav (jaadu) ko darshata hai, jiske kaaran Meera unke virah mein vyakul hain.
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