महाकुंभ में कौन-कौन से स्थान पवित्र माने जाते हैं?

By -Deepika Patidar

गंगा नदी के किनारे स्थित हर की पौड़ी, हरिद्वार का सबसे पवित्र घाट माना जाता है। यहाँ स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

हरिद्वार का हर की पौड़ी

गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का मिलन स्थल संगम, आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। यहाँ स्नान से पापों का नाश होता है।

प्रयागराज का संगम

क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित रामघाट, उज्जैन का प्रमुख पवित्र स्थान है। यहाँ स्नान से पुण्य की प्राप्ति होती है।

उज्जैन का रामघाट

गोदावरी नदी का तट नासिक में एक पवित्र स्थान है। यहाँ कुंभ मेले के दौरान स्नान का विशेष महत्व है।

नासिक का गोदावरी तट

दशाश्वमेध घाट, काशी का प्रमुख घाट है। यहाँ आरती और स्नान से अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है।

काशी का दशाश्वमेध घाट

ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र का पवित्र स्थान है। मान्यता है कि यहाँ स्नान से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

कुरुक्षेत्र का ब्रह्मसरोवर

महाकुंभ के दौरान निकटवर्ती तीर्थ स्थलों जैसे ऋषिकेश, बद्रीनाथ, और केदारनाथ का भी विशेष महत्व है।

पवित्र पर्वत और तीर्थ स्थल 

महाकुंभ का हर स्थान पवित्र है, जहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजन कर अपने जीवन को धन्य मानते हैं।

कुंभ का आध्यात्मिक महत्व