अक्षय तृतीया हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। यह शुभ दिन हर कार्य की सफलता के लिए जाना जाता है।
By Deepika Patidar
अक्षय तृतीया क्या है?
यह दिन ‘अक्षय पुण्य’ देने वाला माना जाता है। इस दिन किए गए अच्छे कर्म, दान, और पूजा कभी नष्ट नहीं होते।
अक्षय तृतीया का महत्व
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स्नान के बाद घर को साफ कर के भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा करें। घी का दीपक जलाएं और तुलसी दल अर्पित करें।
पूजन विधि
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माँ लक्ष्मी की पूजा
माँ लक्ष्मी को कमल का फूल, मिठाई, और केसर युक्त खीर अर्पित करें। श्रीसूक्त या लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें।
स्वर्ण और चांदी की खरीदारी
इस दिन सोना या चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। यह समृद्धि और सौभाग्य को आमंत्रित करता है।
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दान-पुण्य करें
अन्न, वस्त्र, जल पात्र, छाता, घी और धन का दान करें। इससे जीवन में सुख-शांति और अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
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धार्मिक ग्रंथों का पाठ
भगवद्गीता, विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भागवत आदि ग्रंथों का पाठ करना अत्यंत पुण्यकारी होता है।
शुभ कार्यों की शुरुआत
शुभ कार्यों की शुरुआत
नया व्यापार, गृह प्रवेश, विवाह आदि कार्य इस दिन प्रारंभ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
नया व्यापार, गृह प्रवेश, विवाह आदि कार्य इस दिन प्रारंभ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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