इन चीजों का दान दिलाएगा शनिदेव की कृपा! 

By Deepika Patidar

शनि जयंती पर दान का है विशेष महत्व। जानें किन वस्तुओं का दान करके आप शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं और कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं।

शनि जयंती का महत्व और दान क्यों? 

शनि जयंती, न्याय के देवता शनिदेव का जन्मोत्सव है। इस दिन किया गया दान शनि दोषों, साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में अत्यंत सहायक होता है।

काले वस्त्र या कंबल 

शनिदेव को काला रंग प्रिय है। शनि जयंती पर जरूरतमंदों को काले वस्त्र, शॉल या कंबल दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और राहु-केतु के दोष भी शांत होते हैं।

सरसों का तेल 

शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना और दान करना बेहद शुभ माना जाता है। एक लोहे के पात्र में सरसों का तेल भरकर अपना चेहरा देखें और फिर उसे दान कर दें। इससे स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

काली उड़द दाल और काले तिल 

काली उड़द दाल और काले तिल शनिदेव से संबंधित अनाज हैं। इनका दान करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और शनि की साढ़ेसाती के कष्ट कम होते हैं।

लोहे की वस्तुएं 

लोहा शनि ग्रह की धातु है। शनि जयंती पर लोहे से बनी उपयोगी वस्तुएं जैसे तवा, कड़ाही या कोई औजार दान करने से शनिदेव की अशुभ दृष्टि से बचाव होता है।

जूते-चप्पल 

जरूरतमंदों को जूते या चप्पल दान करना भी शनिदेव को प्रसन्न करने का एक उत्तम उपाय है। इससे यात्रा में आने वाली बाधाएं और शनिजन्य कष्ट दूर होते हैं।

छाता और अन्न 

गर्मी के मौसम को देखते हुए छाते का दान पुण्यकारी है। इसके अलावा, गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज (जैसे गेहूं, चावल) या बना हुआ भोजन दान करने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है।

दान किसे और कैसे करें? 

यह दान किसी गरीब, जरूरतमंद व्यक्ति, वृद्ध, दिव्यांगजन या कुष्ठ रोगियों को पूरी श्रद्धा और निःस्वार्थ भाव से करना चाहिए। दान करते समय शनिदेव का ध्यान करें।

पाएं शनिदेव का आशीर्वाद और शुभ फल

 इन वस्तुओं का श्रद्धापूर्वक दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं, जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है।